Poems In Hindi

बच्चों की हिन्दी कविताएं — 4to40 का हिन्दी कविताओ का संग्रह | Hindi Poems for Kids — A collection of Hindi poems for children. पढ़िए कुछ मजेदार, चुलबुली, नन्ही और बड़ी हिंदी कविताएँ. इस संग्रह में आप को बच्चो और बड़ो के लिए ढेर सारी कविताएँ मिलेंगी.

Bekal Utsahi Contemplation Hindi Poem रोते रोते बहल गई कैसे

Bekal Utsahi Contemplation Hindi Poem रोते रोते बहल गई कैसे

रोते रोते बहल गई कैसे रुत अचानक बदल गई कैसे मैंने घर फूँका था पड़ौसी का झोपड़ी मेरी जल गई कैसे जिस पे नीयत लगी हो मौसम की सूखी टहनी वो फल गई कैसे बात जो मुद्दतों से दिल में थी आज मुँह से निकल गई कैसे जिन्दगी पर बड़ा भरोसा था जिन्दगी चाल चल गई कैसे दोस्ती है चटान …

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Bekal Utsahi Hindi Poem about Drought कब बरसेगा पानी

कब बरसेगा पानी – बेकल उत्साही

सावन भादौं साधु हो गए, बादल सब संन्यासी पछुआ चूस गई पुरवा को, धरती रह गई प्यासी फसलों ने वैराग ले लिया, जोगी हो गई धानी राम जाने कब बरसेगा पानी ताल तलैया माटी चाटै, नदियाँ रेत चबाएँ कुएँ में मकड़ी जाला ताने, नहरें चील उड़ाएँ उबटन से गगरी रूठी है, पनघट से बहुरानी राम जाने कब बरसेगा पानी छप्पर …

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देश की धरती तुझे कुछ और भी दूँ: राम अवतार त्यागी

देश की धरती, तुझे कुछ और भी दूँ - राम अवतार त्यागी

रामावतार त्यागी का जन्म 17 मार्च 1925 को उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद ज़िले की संभल तहसील में हुआ। आप दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर थे। हिन्दी गीत को एक नई ऊँचाई देने वालों में आपका नाम अग्रणीय है। रामधारी सिंह दिनकर सहित बहुत से हिंदी साहित्यकारों ने आपके गीतों की सराहना की थी। ‘नया ख़ून’; ‘मैं दिल्ली हूँ’; ‘आठवाँ स्वर’; ‘गीत …

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Harivansh Rai Bachchan Inspirational Hindi Poem नीड़ का निर्माण फिर फिर

Harivansh Rai Bachchan Inspirational Hindi Poem नीड़ का निर्माण फिर फिर

वह उठी आँधी कि नभ में छा गया सहसा अँधेरा, धूल धूसर बादलों न भूमि को इस भाँति घेरा, रात सा दिन हो गया फिर रात आई और काली, लग रहा था अब न होगा इस निशा का फिर सवेरा, रात के उत्पात–भय से भीत जन–जन, भीत कण–कण, किंतु प्रची से उषा की मोहिनी मुस्कान फिर–फिर! नीड़ का निर्माण फिर–फिर, …

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Funny Hindi Bal Kavita about a hungry cat बिल्ली मौसी – सूर्यकुमार पांडेय

बिल्ली मौसी – सूर्य कुमार पांडेय

बिल्ली मौसी चलीं बनारस लेकर झोला डंडा गंगा तट पर मिला उसे तब मोटा चूहा पंडा चूहा बोला बिल्ली मौसी चलो करा दूँ पूजा मुझ सा पंडा यहाँ घाट पर नहीं मिलेगा दूजा बिल्ली बोली ओ पंडा जी भूख लगी है भारी पूजा नहीं, पेट पूजा की करो तुरत तैयारी समझा चूहा बिल्ली मौसी का जो पंगा जी में टीका–चंदन …

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Hindi Bal Kavita about Eyes आँख – सूर्यकुमार पांडेय

Hindi Bal Kavita about Eyes आँख - सूर्यकुमार पांडेय

कुछ की काली कुछ की भूरी कुछ की होती नीली आँख जिसके मन में दुख होता है उसकी होती गीली आँख। सबने अपनी आँख फेर ली सबने उससे मीचीं आँख गलत काम करने वालों की रहती हरदम नीची आँख। आँख गड़ाते चोर–उचक्के चीज़ों को कर देते पार पकड़े गये चुराते आँखें आँख मिलाने से लाचार। आँख मिचौनी खेल रहे हम …

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Suryakumar Pandey Inspirational Hindi Poem मेरा खरापन शेष है

मेरा खरापन शेष है – सूर्यकुमार पांडेय

गांव में मैैं गीत के आया‚ मुझे ऐसा लगा‚ मेरा खरापन शेष है। वृक्ष था मैं एक‚ पतझड़ में रहा मधुमास सा‚ पत्र–फल के बीच यह जीवन जिया सन्यास सा‚ कोशिशें बेशक मुझे जड़ से मिटाने को हुईं‚ मेरा हरापन शेष है। सीख पाया मैं नहीं इस दौर जीने की कला‚ धोंट पाया स्वार्थ पल को भी नहीं मेरा गला‚ …

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Hindi Poem in memory of Dr. Abdul Kalam कलाम का कमाल – एक श्रदधांजलि

Hindi Poem in memory of Dr. Abdul Kalam कलाम का कमाल - एक श्रदधांजलि

एक समपर्ण, एक था अर्पण था जिनका जीवन एक दर्शन। जन्में घर निर्धन के फिर भी पाया विशेष स्थान, देख भेदभाव बालपन से, हुआ मन बेताब। मानवता की सेवा करने उठाई आपने किताब। की चेष्टा कोई जीव चोट ना पावें, हर जन अपने हृदय, प्रेम अलख जगावें। टिकाए पैर ज़मी पर, मन पंछी ऊँचा आसमाँ पावें। किया निरतंर अभ्यास, न …

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Good Morning Hindi Poem सवेरा और जीवन

Good Morning Hindi Poem सवेरा और जीवन

हुआ सवेरा, हुआ सवेरा, सूरज की किरणों ने डाल-डाल पर डाला घेरा, हुआ सवेरा, हुआ सवेरा। मन में उमंग, तन में तरंग, जीवन ने फिर से लिया फेरा हुआ सवेरा, हुआ सवेरा। चल निकला, बागों में जीवन, चल निकला, राहों में जीवन हुआ सवेरा, हुआ सवेरा। पक्षियों का जागा फिर कलखू, मीठा-मीठा, मंद-मन मोहक हुआ सवेरा, हुआ सवेरा। कलियों का …

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Mukesh Classic Love Song कभी कभी मेरे दिल में ख्याल आता है – साहिर लुधियानवी

Mukesh Classic Love Song कभी कभी मेरे दिल में ख्याल आता है - साहिर लुधियानवी

कभी कभी मेरे दिल में, ख़याल आता है के जैसे तुझको बनाया गया है मेरे लिये तू अबसे पहले सितारों में बस रही थी कहीं तुझे ज़मीं पे बुलाया गया है मेरे लिये कभी कभी मेरे दिल में, ख़याल आता है कभी कभी मेरे दिल में, ख़याल आता है के ये बदन ये निगाहें मेरी अमानत हैं ये गेसुओं की …

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