Poems For Kids

Poetry for children: Our large assortment of poems for children include evergreen classics as well as new poems on a variety of themes. You will find original juvenile poetry about trees, animals, parties, school, friendship and many more subjects. We have short poems, long poems, funny poems, inspirational poems, poems about environment, poems you can recite

माँ की याद – सर्वेश्वरदयाल सक्सेना

माँ की याद - सर्वेश्वरदयाल सक्सेना

चींटियाँ अण्डे उठाकर जा रही हैं, और चिड़ियाँ नीड़ को चारा दबाए, धान पर बछड़ा रंभाने लग गया है, टकटकी सूने विजन पथ पर लगाए, थाम आँचल, थका बालक रो उठा है, है खड़ी माँ शीश का गट्ठर गिराए, बाँह दो चमकारती–सी बढ़ रही है, साँझ से कह दो बुझे दीपक जलाये। शोर डैनों में छिपाने के लिए अब, शोर …

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कितनी बड़ी विवशता – सर्वेश्वर दयाल सक्सेना

Sarveshwer Dayal Saxena Hindi Love Poetry कितनी बड़ी विवशता

कितना चौड़ा पाट नदी का, कितनी भारी शाम, कितने खोए–खोए से हम, कितना तट निष्काम, कितनी बहकी–बहकी सी दूरागत–वंशी–टेर, कितनी टूटी–टूटी सी नभ पर विहगों की फेर, कितनी सहमी–सहमी–सी जल पर तट–तरु–अभिलाषा, कितनी चुप–चुप गयी रोशनी, छिप छिप आई रात, कितनी सिहर–सिहर कर अधरों से फूटी दो बात, चार नयन मुस्काए, खोए, भीगे, फिर पथराए, कितनी बड़ी विवशता, जीवन की, …

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कच्ची सड़क – सर्वेश्वर दयाल सक्सेना

कच्ची सड़क - सर्वेश्वर दयाल सक्सेना

सुनो ! सुनो ! यहीं कहीं एक कच्ची सड़क थी जो मेरे गाँव को जाती थी। नीम की निबोलियाँ उछालती, आम के टिकोरे झोरती, महुआ, इमली और जामुन बीनती जो तेरी इस पक्की सड़क पर घरघराती मोटरों और ट्रकों को अँगूठा दिखाती थी, उलझे धूल भरे केश खोले तेज धार सरपत की कतारों के बीच घूमती थी, कतराती थी, खिलखिलाती …

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स्कूल ना जाने की हठ पर एक बाल-कविता: माँ मुझको मत भेजो शाला

स्कूल ना जाने की हठ पर एक बाल-कविता: माँ मुझको मत भेजो शाला

अभी बहुत ही छोटी हूँ मैं, माँ मुझको मत भेजो शाळा। सुबह सुबह ही मुझे उठाकर , बस में रोज बिठा देती हो। किसी नर्सरी की कक्षा में, जबरन मुझे भिजा देती हो। डर के मारे ही माँ अब तक, आदेश नहीं मैंने टाला। चलो उठो, शाला जाना है , कहकर मुझे उठा देती हो। शायद मुझको भार समझकर, खुद …

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आरसी प्रसाद सिंह जी की प्रेम कविता – चाँद को देखो

आरसी प्रसाद सिंह जी की प्रेम कविता - चाँद को देखो

चाँद को देखो चकोरी के नयन से माप चाहे जो धरा की हो गगन से। मेघ के हर ताल पर नव नृत्य करता राग जो मल्हार अम्बर में उमड़ता आ रहा इंगित मयूरी के चरण से चाँद को देखो चकोरी के नयन से। दाह कितनी दीप के वरदान में है आह कितनी प्रेम के अभिमान में है पूछ लो सुकुमार …

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इंदिरा गौड़ की लोकप्रिय बाल कविता: दादी वाला गाँव

इंदिरा गौड़ की लोकप्रिय बाल कविता: दादी वाला गाँव

पापा याद बहुत आता है मुझको दादी वाला गाँव, दिन दिन भर घूमना खेत में वह भी बिल्कुल नंगे पाँव। मम्मी थीं बीमार इसी से पिछले साल नहीं जा पाए, आमों का मौसम था फिर भी छककर आम नहीं खा पाए। वहाँ न कोई रोक टोक है दिन भर खेलो मौज मनाओ, चाहे किसी खेत में घुसकर गन्ने चूसो भुट्टे …

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Hindi Song Dedicated To Father पापा की परी

Hindi Song Dedicate To Father पापा की परी

Ladies and gentlemen A son is a son till he gets himself a wife, but a daughter is a daughter all her life. पापा की परी हूँ मैं ओ ओ ओ ओ ओ -२ आई मैं आई नीले गगन से लाई मैं लाई तारों को चुन के मेरे लिये जो बना है सुन ले जहाँ तू छुपा है पाना मुझे …

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Father’s Day Special Bollywood Song पापा कहते हैं बड़ा नाम करेगा

Father's Day Popular Hindi Song पापा कहते हैं

पापा कहते हैं बड़ा नाम करेगा बेटा हमारा ऐसा काम करेगा मगर ये तो, कोई ना जाने के मेरी मंज़िल, है कहाँ… बैठे हैं मिलके, सब यार अपने सबके दिलों में, अरमां ये है वो ज़िन्दगी में, कल क्या बनेगा हर इक नजर का, सपना ये है कोई इंजीनियर का काम करेगा बिज़नेस में कोई अपना नाम करेगा, मगर ये …

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Father’s Day Special Hindi Song ऐ मेरे बेटे सुन मेरा कहना

ऐ मेरे बेटे सुन मेरा कहना - साहिर लुधियानवी

ऐ मेरे बेटे, सुन मेरा कहना चाहे दुःख होए, हँसते ही रहना – २ तू मेरे बेटे क्यों रोये, अखियों के मोती क्यों खोये मैं तेरा घोडा मैं हाथी, मैं तेरे सुख दुःख का साथी तेरा मैं सहारा हूँ, मेरा तू सहारा है जान से भी प्यार है आजा आजा ऐ मेरे बेटे, सुन मेरा कहना चाहे दुःख होए, हँसते …

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