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Purnima Varman

जन्म: २७ जून १९५५ को पीलीभीत में। शिक्षा: संस्कृत साहित्य में स्नातकोत्तर उपाधि, स्वातंत्र्योत्तर संस्कृत साहित्य पर शोध, पत्रकारिता और वेब डिज़ायनिंग में डिप्लोमा। कार्यक्षेत्र: पूर्णिमा वर्मन का नाम वेब पर हिंदी की स्थापना करने वालों में अग्रगण्य है। १९९६ से निरंतर वेब पर सक्रिय, उनकी जाल पत्रिकाएँ अभिव्यक्ति तथा अनुभूति वर्ष २००० से अंतर्जाल पर नियमित प्रकाशित होने वाली पहली हिंदी पत्रिकाएँ हैं। इनके द्वारा उन्होंने प्रवासी तथा विदेशी हिंदी लेखकों को एक साझा मंच प्रदान करने का महत्त्वपूर्ण काम किया है। लेखन एवं वेब प्रकाशन के अतिरिक्त वे जलरंग, रंगमंच, संगीत तथा हिंदी के अंतर्राष्ट्रीय विकास के अनेक कार्यों से जुड़ी हैं।

छोटा चूहा: पूर्णिमा वर्मन की हास्यप्रध बाल-कविता

छोटा चूहा: पूर्णिमा वर्मन की हास्यप्रध बाल-कविता

चूहा एक स्तनधारी प्राणी है। यह साधारणतः सभी देशों में विशेषकर उष्ण देशों में पाया जाता है। यह कपड़ा, सूटकेश आदि को काटकर बहुत हानि पहुँचाता है। शरीर बालों से आवृत एवं सिर, गर्दन, धड़ तथा पूँछ में विभक्त होता है। ऊपरी एवं निचली ओठ से घिरा रहता है। सिर में एक जोड़ा नेत्र, दो बाह्यकर्ण, धड़ में दो जोड़े पैर …

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गेंद के खेल से जुडी हिंदी बाल-कविता: पूर्णिमा वर्मन

गेंद के खेल से जुडी हिंदी बाल-कविता: पूर्णिमा वर्मन

खेल, कई नियमों एवं रिवाजों द्वारा संचालित होने वाली एक प्रतियोगी गतिविधि है। खेल सामान्य अर्थ में उन गतिविधियों को कहा जाता है, जहाँ प्रतियोगी की शारीरिक क्षमता खेल के परिणाम (जीत या हार) का एकमात्र अथवा प्राथमिक निर्धारक होती है, लेकिन यह शब्द दिमागी खेल (कुछ कार्ड खेलों और बोर्ड खेलों का सामान्य नाम, जिनमें भाग्य का तत्व बहुत …

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देश हमारा आँख का तारा: भारत की आजादी पर कविता

देश हमारा आँख का तारा: भारत की आजादी पर कविता

भारत विश्‍व की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक है जिसमें बहुरंगी विविधता और समृद्ध सांस्‍कृतिक विरासत है। इसके साथ ही यह अपने-आप को बदलते समय के साथ ढ़ालती भी आई है। आज़ादी पाने के बाद भारत ने बहुआयामी सामाजिक और आर्थिक प्रगति की है। भारत कृषि में आत्‍मनिर्भर बन चुका है और अब दुनिया के सबसे औद्योगीकृत देशों की …

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होली है भई होली है: पूर्णिमा वर्मन जी की होली पर हिंदी कविता

Holi Festival

सच है, नहीं ठिठोली है चेहरों पर रंगोली है देश देश में गाँव गाँव में होली है भई होली है पत्रिकाओं में अखबारों में गली गली में चौबारों में हम मस्तों की टोली है होली है भई होली है कहीं रंग है कहीं भंग है बड़ी उमंग में कहीं चंग है मौसम भी हमजोली है होली है भई होली है …

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नया साल मंगलमय हो: पूर्णिमा वर्मन

Happy New Year Poems in Hindi नया साल मंगलमय हो

जो सपने हों सब अपने हों, हर मेहनत के, फल दुगने हों, अक्षत रोली तीज या होली, सा जीवन सुखमय हो, नया साल मंगलमय हो। मित्रों की सदभावनाएँ हों, मन में ऊँची, कामनाएँ हों, गीत की धुन-सा किसी शगुन-सा, घर आँगन मधुमय हो, नया साल मंगलमय हो हों पूरी सारी आशाएँ, साम स्वस्ति से, सजें दिशाएँ, सीप में मोती दीप …

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नया साल: पूर्णिमा वर्मन

Happy New Year Bal Kavita in Hindi नया साल

नया साल है नया साल है खूब ख़ुशी है खूब धमाल है। पढ़ने लिखने से छुट्टी है घर बाहर हर पल मस्ती है खाना पीना माल टाल है नया साल है नया साल है। सभी ओर उत्सव की धूम है लगा साथियों का हुजूम है गाना वाना मस्त ताल है नया साल है नया साल है। ∼ पूर्णिमा वर्मन

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A Narrow Escape – Purnima Varman

”Oh dear, I am so glad that is finished,” sighed Mrs. Salinda Sardine, who had been busy spring-cleaning her little sitting-room in Rockbay Terrace. “All I need now is some dainty pink seaweed to make new curtains for the window.” ”Did you hear that? There is some pretty seaweed near Cissie Catfish’s house, let us get some and give Mummy …

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