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Om Prakash Bajaj

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माँ तो माँ होती है Mother’s Day Hindi Poem

माँ तो माँ होती है - ओम प्रकाश बजाज

मम्मी – अम्मी – अम्मा – माता – माम्, कुछ भी बुलाओ माँ तो माँ होती है। अपने बच्चों पर जान देती है, उनके लिए हर कष्ट सहती है। अपनी कोख से जन्म देती है, उन पर वारी – वारी जाती है। पाल पोस कर बड़ा करती है, गीले में सो कर सूखे में सुलाती है। माँ का आदर सदा …

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बाल-कविताओं का संग्रह: ओमप्रकाश बजाज (भाग 2)

ओमप्रकाश बजाज की बाल-कविताओं का संग्रह

खिचड़ी: ओमप्रकाश बजाज चावल-दाल मिला कर बनती, खिचड़ी घर में सब को भाती। रोगी को डॉक्टर खाने को कहते, हल्की गिजा वे इसे मानते। घी और मसालों का छौंक लगा कर, छोटे-बड़े सब शौक से खाते। बीरबल की खिचड़ी पकाना कहलाती, जब किसी काम में अधिक देर हो जाती। घी खिचड़ी में ही तो रहा, तब कहा जाता, जब घर …

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बाल-कविताओं का संग्रह: ओमप्रकाश बजाज

ओमप्रकाश बजाज की बाल-कविताओं का संग्रह

सात बहनें: ओमप्रकाश बजाज भारत के पर्वोत्तर में 7 राज्य हैं जो ‘सात बहनें’ कहे जाते हैं। इनके नाम अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा, मिजोरम कहलाते हैं। अरुणाचल कहलाता है उगते सूर्य का पर्वत और ईटागर है इसकी राजधानी। दिसपुर है असम की राजधानी, मेघालय की राजधानी शिलांग है, कोहिमा नागालैंड की और इंफाल मणिपुर की राजधानी है। …

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आलू: ओम प्रकाश बजाज

Aloo - Om Prakash Bajaj

आलू की महिमा है न्यारी सर्वाधिक लोकप्रिय यह तरकारी! भूनो तलो पकाओ खाओ आलू की पराठों का आनंद उठाओ! आलू-गोभी आलू-बैंगन आलू-परवल, आलू से मिलकर बनते ढेरो व्यंजन! आलू के बिना समोसा नहीं बनता पोटैटो चिप्स का हर कोई दीवाना! पानी-पूरी कहो या कहो गोलगप्पा, उस में भी मसाला आलू का पड़ता! बंगला कोठी हो या निम्नवर्गीय झुग्गी, आलू की …

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मिठाई: ओम प्रकाश बजाज

Mithai by Om Prakash Bajaj

बच्चे बूढ़े सबको, या बनाए हलवाई। लड्डू, बर्फी, पेड़ा, जलेबी, मिठाई सब खाते है। गुलाब जामुन, रसगुल्ला, होती है मिठाई। ~ ओमप्रकाश बजाज

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भारतीय रेल – ओम प्रकाश बजाज

भारतीय रेल - हिंदी बाल-कविता

2.5 करोड़ लोग रोज करते हैं सवारी, जो ऑस्ट्रेलिया की कुल है आबादी। 16 लाख से अधिक हैं इसके कर्मचारी, सर्वाधिक रोजगार देती है रेल हमारी। यह आंकड़ा विश्व के कई देशों की, कुल जनसंख्या पर भी पड़ता है भारी। 1366.33 मीटर लम्बाई वाला दुनिया में, सबसे लम्बा प्लेटफार्म है गोरखपुर का। हावड़ा-अमृतसर एक्सप्रैस 115 जगह रुकने का भी कीर्तिमान …

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Hindi Bal Kavita on Budget बजट

Hindi Bal Kavita on Budget बजट

बच्चों तुम ने बजट की चर्चा सुनी होगी, टी. वी. पर ख़बरें भी देखी होंगी। अपने घर में बढ़ती मेंहगाई के कारण, बिगड़ते बजट की बात कान में पड़ी होगी। घर से लेकर संस्थानों, सरकारों तक, वार्षिक बजट बनाया जाता है। होने वाली आय तथा अनुमानित खर्चे का, संतुलन बैठाने का हिसाब लगाया जाता है। आमदनी बढ़ाने खर्च में कटौती …

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Wisdom Hindi Bal Kavita भूल कर भी

Wisdom Hindi Bal Kavita भूल कर भी

भूल कर भी कभी यह न सोचो, कि तुम सब कुछ जानते हो। फूल, फल, पेड़, अनाज, सब्जियां, रंग, सब को भली भांति पहचानते हो। ऐसा सोचने वाला कभी भी, कुछ नया सीख नहीं पता है। अपने दर्प में अकड़ा जकड़ा, जानने का हर अवसर गवाता है। इतनी बड़ी इस दुनिया में न जाने, कितना कुछ भरा समाया है। जीवन …

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Bal Kavita on Homemade Pickles अचार

Bal Kavita on Homemade Pickles अचार

भोजन का स्वाद बढ़ाता अचार, मुँह में पानी ले आता अचार। बूढ़े- बच्चे सब को भाता अचार, घर में बनाया जाता अचार। बना बनाया भी आता अचार, कई चीज़ो का बनता अचार। आम, मिर्च, आंवला, निंबू, गाजर, शलगम, कटहल का बनता अचार। कई मसालों के पड़ने से चटपटा, स्वादिष्ट तीखा बन पाता अचार। आचार- चटनी अधिक न खाना, गला भी …

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बच्चे अच्छे लगते हैं Hindi Poem on Happy Children

बच्चे अच्छे लगते हैं Hindi Poem on Happy Children

हंसते-मुस्कुराते-खिलखिलाते बच्चे, अच्छे लगते हैं। दौड़ते-भागते, कूदते, फांदते बच्चे अच्छे लगते हैं। मासूम सी प्यारी शरारते करते बच्चे, अच्छे लगते हैं। यूनिफार्म पहने स्कूल को जाते बच्चे, अच्छे लगते हैं। खेल मैदान में कोई गेम खेलते बच्चे, अच्छे लगते हैं। स्वयं ईष्वर का रूप होते हैं बच्चे, अच्छे लगते हैं। ~ ओम प्रकाश बजाज

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