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Gopal Prasad Vyas

Gopal Prasad Vyas (1915–2005) was an Indian poet, known for his humorous poems. His poems have been compiled into several books such as To Mein Kya Karoon, Ras Rasamrit, Maff Kijiye and Baat Baat Mein Baat. The story of his life has been documented in a biography, Bahuayami Jeevan Ke Dhani Pt Gopal Prasad Vyas, written by Santosh Matta, published by Prabhat Books in 2015. He was honoured by the Government of India in 1965, with the award of Padma Shri, the fourth highest Indian civilian award for his contributions to the field of literature.

भई भाषण दो: गोपाल प्रसाद व्यास – भारतीय राजनीति पर व्यंग्य पूर्ण हिंदी कविता

भई भाषण दो: गोपाल प्रसाद व्यास

यदि दर्द पेट में होता हो या नन्हा–मुन्ना रोता हो या आंखों की बीमारी हो अथवा चढ़ रही तिजारी हो तो नहीं डाक्टरों पर जाओ वैद्यों से अरे न टकराओ है सब रोगों की एक दवा भई, भाषण दो, भई, भाषण दो हर गली, सड़क, चौराहे पर भाषण की गंगा बहती है, हर समझदार नर–नारी के कानों में कहती रहती …

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आराम करो: गोपाल प्रसाद व्यास

आराम करो - गोपाल प्रसाद व्यास

एक मित्र मिले‚ बोले‚ “लाला तुम किस चक्की का खाते हो? इस डेढ़ छटांक के राशन में भी तोंद बढ़ाए जाते हो। क्या रक्खा है मांस बढ़ाने में‚ मनहूस‚ अकल से काम करो। संक्रान्ति–काल की बेला है‚ मर मिटो‚ जगत में नाम करो।” हम बोले‚ “रहने दो लैक्चर‚ पुरुषों को मत बदनाम करो इस दौड़–धूप में क्या रक्खा‚ आराम करो‚ …

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खूनी हस्‍ताक्षर: गोपाल प्रसाद व्यास

Gopal Prasad Vyas Inspirational Patriotic Hindi Poem खूनी हस्‍ताक्षर

Neta Ji Subhas Chandra Bose organized the Indian National Army in early 1940s to fight the foreign occupation of the country. He promised freedom for the country but demanded full dedication of the people to this end. I am thankful to an unnamed reader who sent me a scanned copy of this lovely poem. This is a remarkable poem that …

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सुभाष चन्द्र बोस: गोपाल प्रसाद व्यास

सुभाष चन्द्र बोस - गोपाल प्रसाद व्यास: देश भक्ति कविता

है समय नदी की बाढ़ कि जिसमें सब बह जाया करते हैं, है समय बड़ा तूफ़ान प्रबल पर्वत झुक जाया करते हैं। अक्सर दुनिया के लोग समय में चक्कर खाया करते हैं, लेकिन कुछ ऐसे होते हैं, इतिहास बनाया करते हैं। यह उसी वीर इतिहास-पुरुष की अनुपम अमर कहानी है, जो रक्त कणों से लिखी गई,जिसकी जय-हिन्द निशानी है। प्यारा …

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नेताजी का तुलादान: गोपाल प्रसाद व्यास

नेताजी का तुलादान - गोपाल प्रसाद व्यास: Patriotic Poem on Subhash Chandra Bose

देखा पूरब में आज सुबह, एक नई रोशनी फूटी थी। एक नई किरन, ले नया संदेशा, अग्निबान-सी छूटी थी॥ एक नई हवा ले नया राग, कुछ गुन-गुन करती आती थी। आज़ाद परिन्दों की टोली, एक नई दिशा में जाती थी॥ एक नई कली चटकी इस दिन, रौनक उपवन में आई थी। एक नया जोश, एक नई ताज़गी, हर चेहरे पर …

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