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Aacharya Kamal Nandlal

Acharya Kamal Nandlal has a vast experience on astrological analysis over Jatak Jyotish on the behalf of BIHRAT PARASHARA HORA SHASTRA & command on remedial astrology by LalKitab, Gem Therapy, Color Therapy & Rudraksha Therapy. Giving Predictions regarding Falit Jyotish, Mundane Astrology etc. He has experience of reading 10000 & above Horoscopes, he has technical command on the Horary astrology & Astrological Analysis Reporting. Reporting on the subject of Health, Wealth, Property, Love & Passion, Marriage & Compatibility, Luck & Fortune, Karma & Economical sources. Astrologically Command on the Vimshottary, Ashtottarry, Yogini & KalaChakaras Dasha, Vimposhak Varga, AashtVarga, Maitri, Mahurta etc.

होली के रंग और आपकी राशी

होली के रंग और आपकी राशी

फाल्गुन मास के अंत में गौर पूर्णिमा का दिन होलिका दहन के रूप में मनाया जाता है। अगले दिन रंगों का त्योहार होली (धुरेंडी) मनाया जाता है। होली का त्योहार ज्योतिष की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। विशिष्ट विद्वानों का कहना है यदि अपनी राशि के अनुरूप होली के रंग खेले जाएं तो जीवन में सुख, आनंद, खुशी, श्री और …

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तंत्र शास्त्र और वशीकरण कला – Law Of Attraction & Vashikaran

तंत्र शास्त्र और वशीकरण कला - Law Of Attraction & Vashikaran

परमेश्वर ने अपने प्रकृति स्वरूप में लिंग भेद कर स्त्री व पुरुष की उत्पत्ति करी ताकि संसार में प्रणय के आधार पर सृजन व प्रजनन हो पाए। परमेश्वर ने स्त्री-पुरुष को एक-दूसरे का पूरक बनाया है, जिसके चलते उनके बीच आत्मिक, मानसिक व शारीरिक आकर्षण विकसित होता है। वैज्ञानिक आधार पर भी विपरीत लिंग के प्रति आकर्षण उत्पन्न होना स्वाभाविक …

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ज्योतिष और सरकारी नौकरी

ज्योतिष और सरकारी नौकरी

प्रशासनिक सेवाओं की अहमियत आज भी विद्यमान है। इसी कारण सरकारी अफसर बनने की चाहत में हजारों की संख्या में स्टूडेंट्स व प्रतिस्पर्धी प्री एंटरेंस टेस्ट देने हेतु तत्पर रहते हैं। भारत में निजीकरण के बावज़ूद भी सरकारी नौकरी पाने की चाहत कम नहीं हुई है। वास्तविकता में सरकारी नौकरी में स्थिरता व सुनिश्चिता के साथ साथ सामाजिक रुतबा भी …

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खाना खाने के बर्तन और वास्तुशास्त्र

खाना खाने के बर्तन और वास्तुशास्त्र

हमारा जीवनचक्र मूलतः पंचतत्व पर आधारित है। जल, अग्नि, वायु, भूमि और आकाश ही संपूर्ण ब्राहमांड का मूल है। हमारा भोजन भी इन्हीं पंचतत्व द्वारा निर्मित है। जीवन हेतु वायु तथा जल उपरांत सर्वाधिक महत्वपूर्ण भोजन ही माना जाता है। वास्तु तथा ज्योतिष शास्त्र में भोजन से संबंधित कई महत्वपूर्ण कथन बताए गए हैं। वास्तुशास्त्र में ऐसा वर्णित है की …

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अलक्ष्मी से मुक्ति और लक्ष्मी की प्राप्ति के लिए उपाय

अलक्ष्मी से मुक्ति और लक्ष्मी की प्राप्ति के लिए उपाय

शास्त्रों में लक्ष्मी की बहन अलक्ष्मी को भी उतनी ही मान्यता है जितनी लक्ष्मी को एक तरफ लक्ष्मी जहां सौभाग्य कर्मठता और धन प्रदान करती हैं वहीं दूसरी ओर अलक्ष्मी कुकर्म और अधर्म तथा दरिद्रता को जन्म देती हैं परंतु लक्ष्मी और अलक्ष्मी सदा साथ ही चलती हैं। शास्त्रों में अलक्ष्मी से निजात पाने के लिए और लक्ष्मी की प्राप्ति …

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देवी लक्ष्मी और घर का वास्तुदोष

देवी लक्ष्मी और घर का वास्तुदोष

आज के प्रतिस्पर्धा युग में व्यक्ति को सर्वाधिक चिंता रोटी, कपड़ा और मकान की सताती है। यह चीजें मूलत: धन पर ही टिके हैं जिसकी कमी के कारण दरिद्रता के साथ-साथ आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ता है। शास्त्रों के अनुसार धन की देवी की कृपा हर किसी पर नहीं बरसती जिसका कारण हमारी जीवनशैली के साथ-साथ घर का …

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कहीं भाग्य लक्ष्मी आपका घर छोड़कर तो नहीं जा रही

कहीं भाग्य लक्ष्मी आपका घर छोड़कर तो नहीं जा रही

ज्योतिषशास्त्र के कालपुरुष सिद्धांत अनुसार व्यक्ति की कुण्डली की भाव संख्या 1, 5 व 9 को लक्ष्मी स्थान माना जाता है तथा भाव संख्या 1, 4, 7 व 10 नारायण स्थान माना जाता है। जब व्यक्ति की कुंडली में भाव 1, 4, 5, 7, 9 व 10 में कुछ अनिष्ट ग्रह बैठे हों या इन भावों के स्वामी वेधा स्थान …

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गणेश चतुर्थी अर्थात कलंक चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन मना है

गणेश चतुर्थी अर्थात कलंक चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन मना है

शास्त्रनुसार गणेश चतुर्थी अर्थात कलंक चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन निषेध माना गया हैं। इस दिन चंद्र दर्शन करने से व्यक्ति को एक साल तक मिथ्या कलंक लगता हैं। भगवान श्री कृष्ण को भी चंद्र दर्शन का मिथ्या कलंक लगने के प्रमाण हमारे शास्त्रों में विस्तार से वर्णित हैं। यदि भूल से भी चौथ का चंद्रमा दिख जाय तो ‘श्रीमद् …

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समझ जाएं शनिदेव व लक्ष्मी हैं आप पर मेहरबान

Lakshami

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार धन वैभव और सुख के लिए जन्मकुंडली में मौजूद धनदायक योग महत्वपूर्ण होता हैं। जन्मकुंडली एवं चंद्र कुंडली में विशेष धन योग तब बनते हैं जब लग्न व चंद्र कुंडली में धनेश एकादश भाव में हो व लाभेश दूसरे भाव में स्थित हो अथवा धनेश व लाभेश एक साथ होकर भगेश द्वारा दृष्ट हो तो व्यक्ति धनवान …

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पीतल के बर्तनो का इस्तेमाल करें – जीवन सुधर जायेगा

पीतल अर्थात ब्रास एक मिश्रित धातु है। पीतल का निर्माण तांबा व जस्ता धातुओं के मिश्रण से बनाया जाता है। पीतल शब्द “पीत” से बना है तथा संस्कृत में ‘पीत’ का अर्थ ‘पीला’ होता है तथा धार्मिक दृष्टि से पीला रंग भागवान विष्णु को संबोधित करता है। सनातन धर्म में पूजा-पाठ व धार्मिक कर्म हेतु पीतल के बर्तन का ही …

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