श्री गणेश मंत्र देता है सौभाग्य - Shri Ganesh Mantra Deta Hai Saubhagya

श्री गणेश मंत्र देता है सौभाग्य

समस्त देवताओं में प्रथम पूजनीय श्री गणेश को विघ्नहर्ता, बुद्धि, सुख एवं सौभाग्य प्रदान करने वाले देवता की संज्ञा दी गई है। किसी भी शुभ कार्य के आरम्भ में भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना करने का विधान है।

कहते हैं कि महादेव पुत्र श्री गणेश के नाम का शुद्ध चित्त भाव से चिंतन करने तथा उनकी श्रद्धा भाव से आराधना करते रहने से जीवन के कष्ट और दुर्भाग्य दूर होते हैं। श्री गणेश मंत्र जप करने से मन में सदविचार और सकारात्मक भाव आने लगता है। जिन मनुष्यों का आत्म विश्वास कमजोर होता है उनमें भी श्री गणेश जी की आराधना से विश्वास की भावना मजबूत होने लगती है।

भगवान श्री गणेश मन्त्र
भगवान श्री गणेश मन्त्र

भगवान श्री गणेश मंत्र बहुत मंगलकारी है, जिसका प्रत्येक बुधवार के साथ-साथ चतुर्थी तिथि को मनोयोग से जप करने से जीवन में शुभता आती है। श्री गणेश मंत्र जप हेतु श्री गणेश जी की प्रतिमा को पीत वस्त्र से ढंकी चौकी पर स्थापित करके सिन्दूर, अक्षत, दूर्वा, लाल मौली, सुपारी, फल, जनेऊ, बूंदी अथवा बेसन का लडडू, मिठाई आदि समर्पित करते हुए पूर्ण श्रद्धा भाव से श्री गणेश जी की आरती करते हुए ॐ श्री गणेशाय नमः और ॐ नमो शिवाय का उच्चारण करना चाहिए। श्री गणेश जी से अपने द्वारा किए हुए गलत कार्यों को क्षमा करने की प्रार्थना करते हुए सुख, समृद्धि, सौभाग्य एवं शांति की कामना करनी चाहिए। शीघ्र फल प्राप्ति हेतु प्रत्येक बुधवार अथवा माह की चतुर्थी तिथि को उपवास रखते हुए पूर्ण विश्वास और शुद्ध आचरण के साथ श्री गणेश का पूजन, श्री गणेश मन्त्र जप और श्री गणेश उपासना करनी चाहिए।

गणेश

गणेश शिवजी और पार्वती के पुत्र हैं। उनका वाहन डिंक नामक मूषक है। गणों के स्वामी होने के कारण उनका एक नाम गणपति भी है। ज्योतिष में इनको केतु का देवता माना जाता है और जो भी संसार के साधन हैं, उनके स्वामी श्री गणेशजी हैं। हाथी जैसा सिर होने के कारण उन्हें गजानन भी कहते हैं। गणेश जी का नाम हिन्दू शास्त्रो के अनुसार किसी भी कार्य के लिये पहले पूज्य है। इसलिए इन्हें आदिपूज्य भी कहते है। गणेश कि उपसना करने वाला सम्प्रदाय गाणपतेय कहलाते है। Read More…

प्रमोद कुमार अग्रवाल

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